भारत के फील्डिंग कोच आर. श्रीधर को उम्मीद है कि अगले कुछ वनडे मैचों में रिजर्व खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि टीम प्रबंधन चाहता है कि इस साल होने वाले आईसीसी के 50 ओवरों के विश्व कप से पहले सभी खिलाड़ी मैच खेलने के लिए तैयार रहें.
फील्डिंग कोच श्रीधर खुश हैं कि टीम तैयार है और गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. श्रीधर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को हेमिल्टन में होने वाले चौथे वनडे मैच से पूर्व कहा, ‘जीत ऐसी आदत है, जिसे आप जारी रखना चाहते हैं और जोश को कम नहीं होने देना चाहते, लेकिन हमें रिजर्व खिलाड़ियों को भी मैच खेलने का मौका देना होगा, क्योंकि विश्व कप से पहले सिर्फ सात मैच बचे हैं.’
52 साल में पहली बार न्यूजीलैंड में जीत का चौका लगाने उतरेगा भारत
अधिकांश समय स्थिति के अनुसार पहली पसंद वाली अंतिम एकादश लगभग तय होती है और दबाव की स्थिति में जब रिजर्व खिलाड़ी उतरते हैं, तो मैच नहीं खेलने के कारण वे लय में नजर नहीं आते.
श्रीधर ने कहा, ‘हम विश्व कप के लिए जाने से पहले ऐसी स्थिति नहीं चाहते जहां मुख्य एकादश खेलती रहे और विश्व कप में जब अचानक अहम मैच खेलना हो, तो रिजर्व खिलाड़ी मैच खेलने का पर्याप्त समय नहीं मिलने के कारण इसके लिए तैयार नहीं हों. मुझे यकीन है कि टीम प्रबंधन भी इस बारे में सोच रहा है.’
हैदराबाद के इस पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत को तैयारी के लिए न्यूजीलैंड से बेहतर हालात नहीं मिल सकते. श्रीधर ने कहा, ‘जून में इंग्लैंड में जैसे हालात होंगे उसके अभ्यास के लिए न्यूजीलैंड से बेहतर जगह नहीं हो सकती. इसलिए निश्चित तौर पर हम ऐसी स्थिति तैयार करना चाहते हैं, जहां हम अपने रिजर्व खिलाड़ियों को खेलने का मौका दें.’
मौजूदा सत्र में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अब न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज जीती है और इस दौरान टीम को सिर्फ इंग्लैंड में हार का सामना करना पड़ा. क्षेत्ररक्षण कोच का मानना है कि अनुभव और गेंदबाजी इकाई का प्रदर्शन दो पहलू हैं, जिसने अंतर पैदा किया.
चोटिल धोनी पर सस्पेंस, गिल को मिल सकता है मौका
श्रीधर ने कहा, ‘भारत की बल्लेबाजी हमेशा से मजबूत रही है, लेकिन अब गेंदबाजों ने भी मैच के विभिन्न चरण में विकेट लेना शुरू कर दिया है. वे भुवी (भुवनेश्वर कुमार) और (मोहम्मद) शमी हों या लेग स्पिनर (कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल), उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब यहां ऐसा किया है.’
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (कुलदीप और चहल) 24-25 मैचों में मिलकर संभवत: 100 विकेट हासिल किए हैं, जो शानदार है. खेल के सबसे महत्वपूर्ण चरण का ध्यान रखा जा रहा है. इसके बाद हमारे पास भुवी और (जसप्रीत) बुमराह के रूप में डेथ ओवरों के शानदार गेंदबाज हैं.’
Wednesday, January 30, 2019
Tuesday, January 22, 2019
आईसीसी अवॉर्ड्स में विराट कोहली ने लगाई हैट्रिक
भारतीय कप्तान विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ओर से दिए जाने वाले अवॉर्ड्स में छाए रहे.
विराट को पुरुष श्रेणी में क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर चुना गया है. साथ ही उन्हें टेस्ट और वनडे क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर भी चुना गया.
विराट को सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी से नवाज़ा गया है. यह ट्रॉफ़ी आईसीसी के पुरुष क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर को ही दी जाती है.
विराट कोहली यह तीनों ख़िताब एक साथ अपने नाम करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.
विराट कोहली ने बीते साल क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में कुल 47 पारियां खेली जिसमें उन्होंने दो हज़ार से ऊपर रन बनाए.
इसके साथ ही बीते साल उनके नाम कुल 11 शतक और नौ अर्धशतक भी शामिल हैं. वे दक्षिण अफ़्रीक़ा और इंग्लैंड दौरे में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी रहे थे.
विराट कोहली इस समय टेस्ट और वनडे में आईसीसी की बल्लेबाज़ी सूची में शीर्ष पर क़ाबिज़ हैं. साल 2018 में वे टेस्ट और वनडे दोनों फॉरमेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी रहे.
सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी में कोहली का सामना दक्षिण अफ़्रीक़ी गेंदबाज़ कगिसो रबाडा से था. रबाडा दूसरे स्थान पर रहे. वे आईसीसी टेस्ट प्लेयर के ख़िताब में भी दूसरे स्थान पर ही रहे.
वहीं वनडे प्लेयर ऑफ़ द ईयर में कोहली का सामना अफ़ग़ानिस्तान के खिलाड़ी राशिद ख़ान से था.
आईसीसी अवॉर्ड्स में तीन ख़िताब जीतने के बाद कोहली ने कहा, ''यह बहुत ही बेहतरीन पल हैं. मैंने सालभर जो मेहनत की यह उसका नतीजा है. आईसीसी अवॉर्ड्स में जब हमारा नाम आता है तो बहुत ख़ुशी होती है, एक खिलाड़ी के तौर पर हमें गर्व महसूस होता है.''
विराट कोहली को साल 2017 में भी सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी दी गई थी साथ ही उस साल उन्हें वनडे प्लेयर भी चुना गया था. इसके अलावा उन्हें साल 2012 में भी वनडे प्लेयर चुना जा चुका है.
आईसीसी की ओर से जारी टेस्ट टीम में भारतीय टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को भी जगह दी गई है.
तमाम बड़े नामों को पछाड़ते हुए 21 साल के इस युवा खिलाड़ी को टीम में विशेषज्ञ विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है.
पंत को आईसीसी की ओर से साल 2018 का उभरता हुआ खिलाड़ी चुना गया है.
ग़ौर करने वाली बात है कि ऋषभ पंत ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. पंत ने अपने पहले मैच की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था.
अभी तक उन्होंने भारतीय टीम के लिए 9 टेस्ट मैच ही खेले हैं. हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था.
पंत के नाम टेस्ट में दो शतक हैं और ये दोनों ही शतक उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बनाए हैं.
आईसीसी की साल 2018 की टेस्ट टीम में भी भारत का जलवा देखने को मिला है. भारत के कुल तीन खिलाड़ियों को इस टीम में चुना गया है.
विराट कोहली को टीम का कप्तान बनाया गया है. उनके अलावा ऋषभ पंत को विकेटकीपर के तौर पर और जसप्रीत बुमराह को तेज़ गेंदबाज़ के रूप में टीम में जगह मिली है.
इसके अलावा पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास को भी टेस्ट टीम में जगह मिली है. ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन को भी टेस्ट टीम में एकमात्र स्पिनर के तौर पर जगह दी गई है.
वहीं वनडे टीम में चार भारतीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. ओपनर के तौर पर रोहित शर्मा को रखा गया है जबकि तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा गया है, उन्हें ही टीम का कप्तान भी बनाया गया है.
इसके अलावा तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और युवा स्पिनर कुलदीप यादव को भी वनडे टीम में रखा गया है.
इसके अलावा आईसीसी क्रिकेट स्पिरिट ऑफ़ द ईयर न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को दिया गया. फ़ैन मोमेंट के तौर पर भारत की अंडर-19 टीम के विश्व कप विजय के पल को दिया गया है. इसे 48 प्रतिशत मत दिए गए.
विराट को पुरुष श्रेणी में क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर चुना गया है. साथ ही उन्हें टेस्ट और वनडे क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर भी चुना गया.
विराट को सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी से नवाज़ा गया है. यह ट्रॉफ़ी आईसीसी के पुरुष क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर को ही दी जाती है.
विराट कोहली यह तीनों ख़िताब एक साथ अपने नाम करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.
विराट कोहली ने बीते साल क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में कुल 47 पारियां खेली जिसमें उन्होंने दो हज़ार से ऊपर रन बनाए.
इसके साथ ही बीते साल उनके नाम कुल 11 शतक और नौ अर्धशतक भी शामिल हैं. वे दक्षिण अफ़्रीक़ा और इंग्लैंड दौरे में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी रहे थे.
विराट कोहली इस समय टेस्ट और वनडे में आईसीसी की बल्लेबाज़ी सूची में शीर्ष पर क़ाबिज़ हैं. साल 2018 में वे टेस्ट और वनडे दोनों फॉरमेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी रहे.
सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी में कोहली का सामना दक्षिण अफ़्रीक़ी गेंदबाज़ कगिसो रबाडा से था. रबाडा दूसरे स्थान पर रहे. वे आईसीसी टेस्ट प्लेयर के ख़िताब में भी दूसरे स्थान पर ही रहे.
वहीं वनडे प्लेयर ऑफ़ द ईयर में कोहली का सामना अफ़ग़ानिस्तान के खिलाड़ी राशिद ख़ान से था.
आईसीसी अवॉर्ड्स में तीन ख़िताब जीतने के बाद कोहली ने कहा, ''यह बहुत ही बेहतरीन पल हैं. मैंने सालभर जो मेहनत की यह उसका नतीजा है. आईसीसी अवॉर्ड्स में जब हमारा नाम आता है तो बहुत ख़ुशी होती है, एक खिलाड़ी के तौर पर हमें गर्व महसूस होता है.''
विराट कोहली को साल 2017 में भी सर गारफ़ील्ड सोबर्स ट्रॉफ़ी दी गई थी साथ ही उस साल उन्हें वनडे प्लेयर भी चुना गया था. इसके अलावा उन्हें साल 2012 में भी वनडे प्लेयर चुना जा चुका है.
आईसीसी की ओर से जारी टेस्ट टीम में भारतीय टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को भी जगह दी गई है.
तमाम बड़े नामों को पछाड़ते हुए 21 साल के इस युवा खिलाड़ी को टीम में विशेषज्ञ विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है.
पंत को आईसीसी की ओर से साल 2018 का उभरता हुआ खिलाड़ी चुना गया है.
ग़ौर करने वाली बात है कि ऋषभ पंत ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. पंत ने अपने पहले मैच की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था.
अभी तक उन्होंने भारतीय टीम के लिए 9 टेस्ट मैच ही खेले हैं. हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था.
पंत के नाम टेस्ट में दो शतक हैं और ये दोनों ही शतक उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बनाए हैं.
आईसीसी की साल 2018 की टेस्ट टीम में भी भारत का जलवा देखने को मिला है. भारत के कुल तीन खिलाड़ियों को इस टीम में चुना गया है.
विराट कोहली को टीम का कप्तान बनाया गया है. उनके अलावा ऋषभ पंत को विकेटकीपर के तौर पर और जसप्रीत बुमराह को तेज़ गेंदबाज़ के रूप में टीम में जगह मिली है.
इसके अलावा पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास को भी टेस्ट टीम में जगह मिली है. ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन को भी टेस्ट टीम में एकमात्र स्पिनर के तौर पर जगह दी गई है.
वहीं वनडे टीम में चार भारतीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. ओपनर के तौर पर रोहित शर्मा को रखा गया है जबकि तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा गया है, उन्हें ही टीम का कप्तान भी बनाया गया है.
इसके अलावा तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और युवा स्पिनर कुलदीप यादव को भी वनडे टीम में रखा गया है.
इसके अलावा आईसीसी क्रिकेट स्पिरिट ऑफ़ द ईयर न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को दिया गया. फ़ैन मोमेंट के तौर पर भारत की अंडर-19 टीम के विश्व कप विजय के पल को दिया गया है. इसे 48 प्रतिशत मत दिए गए.
Thursday, January 10, 2019
कमलनाथ ने कहा- ये तो ट्रेलर है, अब भाजपा नेताओं के खुलासे होना शुरू होंगे: कमलनाथ
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि भाजपा सही तरीके से विपक्ष की भूमिका नहीं निभा रही है। हम उनकी सच्चाई सबको बताएंगे। ये तो अभी ट्रेलर है। मुख्यमंत्री कमलनाथ विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा वाले सुन ले कई मामलों के खुलासे होना अभी बाकी है। धीरे-धीरे 15 साल के कारनामे सामने आ जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से पहले भाजपा ने विधायकों को खरीदने की कोशिश की। हमने उनसे सदन की परंपराओं को निभाने कहा। लेकिन उनका रुख ठीक नहीं रहा। वो अभी भी अपने आपको सत्ता में हैं ये समझ रहे हैं। हमारे बारे में ये कहा जा रहा है कि हम अल्पमत में है।
विपक्ष का रुख ठीक नहीं: कमलनाथ ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं था। ये तो संबैधामिक परंपराएं है हो जाती हैं। जिस तरह से विपक्ष ने जिस तरह का रुख अख्तियार किया उससे में आहत हूं। अगर विपक्ष अध्यक्ष के चुनाव के समय हमारा सहयोग करता तो हम उपाध्यक्ष का पद उन्हें दे देते। लेकिन उनका रुख सदन शुरू होने से पहले ही सकारात्मक नहीं था।
हम बेहतर काम करना चाहते है: कमलनाथ ने कहा कि हम विपक्ष के सहयोग से बेहतर काम करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश को एक नया मॉडल देना चाहते है। भाजपा ने सदन की प्रकिया का पालन नही किया। परंपराएं टूटी है, हमें इस बात का दुख है। लेकिन शुरुआत भाजपा ने की। फूट डालने की मंशा के साथ बाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन भरा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कोई विधायक के चुनाव की तरह नही जिसमें जनता की वोटिंग की जाए। सदन में बैठे लोग ही इसका फैसला करते है। अगर इस मामले में भाजपा कोर्ट जाना चाहती है तो जा सकती है।
खुलासे होंगे: भाजपा को वोटिंग से डर था कि बहुत सारे खुलासे ना हो जाएं। अभी बहुत सारे ख़ुलासे होंगे। भाजपा को हमने वोटिंग का ऑफर दिया, लेकिन वो वोटिंग चाहते ही नही थे। हमने नियम का पूरी तरह से पालन किया। मध्यप्रदेश के विकास का काम करना हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियां है। विपक्ष के साथ मिलकर काम करने का हमेशा प्रयास रहेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की बैठक में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा बैठक से बाहर किए जाने पर विभाग के उपसचिव नियाज अहमद खान ने ट्वीट कर अपना दुख जाहिर किया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि खान सरनेम का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है, ये भूत की तरह मेरे पीछे लगा है। सत्रह साल की नौकरी में उनके दस जिलों में उन्नीस बार ट्रांसफर हुए हैं। खान सरनेम होने के कारण उनसे ऐसा व्यवहार हुआ है। एक साल से उन्हें सरकारी मकान तक आवंटित नहीं हुआ है।
नियाज अहमद खान अब तक पांच पुस्तकें लिख चुके हैं। नियाज अहमद अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम और बॉलीवुड अदाकारा मोनिका बेदी की लव स्टोरी के दफन राज नाबेल काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने तीन तलाक पर भी उपन्यास लिखा था। इसके बाद मुस्लिम समाज में भी उनका विरोध हुआ था। नियाज का कहना है कि वे अब अपने ऊपर छठा नाबेल लिखेंगे, जिसमें उनके साथ सरकारी नौकरी में जो हुआ उसका खुलासा करेंगे। गुना में ओडीएफ घोटाला उजागर करने के बाद शिवराज सरकार ने उन्हें मंत्रालय में पदस्थ कर दिया था।
पीएस ने उपसचिव नियाज से बैठक में कहा- 'गेट आउट' : पीएचई की बैठक में बुधवार को अधिकारी उस समय सकते में आ गए, जब प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल ने उपसचिव नियाज अहमद को वहां से निकल जाने के लिए कह दिया। अहमद ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव से की है। मंत्रालय में पीएचई की समय सीमा बैठक थी। इसमें अग्रवाल के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरान पीएस ने अहमद से एक जानकारी के बारे में जवाब तलब किया। अहमद ने बताया कि विभागाध्यक्ष से जानकारी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली। इस पर पीएस ने पूछा कैसे मांगी, जवाब मिला कि फोन पर बात की थी। इसे लेकर दोनों के बीच गर्मागर्म बहस हुई और अग्रवाल ने अहमद को 'गेट आउट' कहते हुए बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद अहमद उठे और बैठक छोड़कर चले गए।
मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहता : अहमद ने पत्र लिखकर पीएस की शिकायत सीएस से की है। उन्होंने अग्रवाल के साथ काम करने में असमर्थता जताई है। अहमद का कहना है कि पीएस हमेशा अभद्रता करते हैं। आज भी उन्होंने मेरे साथ अभद्रता की। मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि सवा साल से मेरे साथ भेदभाव हो रहा है। मुझे मकान तक अलॉट नहीं किया गया।
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा वाले सुन ले कई मामलों के खुलासे होना अभी बाकी है। धीरे-धीरे 15 साल के कारनामे सामने आ जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से पहले भाजपा ने विधायकों को खरीदने की कोशिश की। हमने उनसे सदन की परंपराओं को निभाने कहा। लेकिन उनका रुख ठीक नहीं रहा। वो अभी भी अपने आपको सत्ता में हैं ये समझ रहे हैं। हमारे बारे में ये कहा जा रहा है कि हम अल्पमत में है।
विपक्ष का रुख ठीक नहीं: कमलनाथ ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं था। ये तो संबैधामिक परंपराएं है हो जाती हैं। जिस तरह से विपक्ष ने जिस तरह का रुख अख्तियार किया उससे में आहत हूं। अगर विपक्ष अध्यक्ष के चुनाव के समय हमारा सहयोग करता तो हम उपाध्यक्ष का पद उन्हें दे देते। लेकिन उनका रुख सदन शुरू होने से पहले ही सकारात्मक नहीं था।
हम बेहतर काम करना चाहते है: कमलनाथ ने कहा कि हम विपक्ष के सहयोग से बेहतर काम करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश को एक नया मॉडल देना चाहते है। भाजपा ने सदन की प्रकिया का पालन नही किया। परंपराएं टूटी है, हमें इस बात का दुख है। लेकिन शुरुआत भाजपा ने की। फूट डालने की मंशा के साथ बाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन भरा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कोई विधायक के चुनाव की तरह नही जिसमें जनता की वोटिंग की जाए। सदन में बैठे लोग ही इसका फैसला करते है। अगर इस मामले में भाजपा कोर्ट जाना चाहती है तो जा सकती है।
खुलासे होंगे: भाजपा को वोटिंग से डर था कि बहुत सारे खुलासे ना हो जाएं। अभी बहुत सारे ख़ुलासे होंगे। भाजपा को हमने वोटिंग का ऑफर दिया, लेकिन वो वोटिंग चाहते ही नही थे। हमने नियम का पूरी तरह से पालन किया। मध्यप्रदेश के विकास का काम करना हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियां है। विपक्ष के साथ मिलकर काम करने का हमेशा प्रयास रहेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की बैठक में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा बैठक से बाहर किए जाने पर विभाग के उपसचिव नियाज अहमद खान ने ट्वीट कर अपना दुख जाहिर किया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि खान सरनेम का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है, ये भूत की तरह मेरे पीछे लगा है। सत्रह साल की नौकरी में उनके दस जिलों में उन्नीस बार ट्रांसफर हुए हैं। खान सरनेम होने के कारण उनसे ऐसा व्यवहार हुआ है। एक साल से उन्हें सरकारी मकान तक आवंटित नहीं हुआ है।
नियाज अहमद खान अब तक पांच पुस्तकें लिख चुके हैं। नियाज अहमद अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम और बॉलीवुड अदाकारा मोनिका बेदी की लव स्टोरी के दफन राज नाबेल काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने तीन तलाक पर भी उपन्यास लिखा था। इसके बाद मुस्लिम समाज में भी उनका विरोध हुआ था। नियाज का कहना है कि वे अब अपने ऊपर छठा नाबेल लिखेंगे, जिसमें उनके साथ सरकारी नौकरी में जो हुआ उसका खुलासा करेंगे। गुना में ओडीएफ घोटाला उजागर करने के बाद शिवराज सरकार ने उन्हें मंत्रालय में पदस्थ कर दिया था।
पीएस ने उपसचिव नियाज से बैठक में कहा- 'गेट आउट' : पीएचई की बैठक में बुधवार को अधिकारी उस समय सकते में आ गए, जब प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल ने उपसचिव नियाज अहमद को वहां से निकल जाने के लिए कह दिया। अहमद ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव से की है। मंत्रालय में पीएचई की समय सीमा बैठक थी। इसमें अग्रवाल के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरान पीएस ने अहमद से एक जानकारी के बारे में जवाब तलब किया। अहमद ने बताया कि विभागाध्यक्ष से जानकारी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली। इस पर पीएस ने पूछा कैसे मांगी, जवाब मिला कि फोन पर बात की थी। इसे लेकर दोनों के बीच गर्मागर्म बहस हुई और अग्रवाल ने अहमद को 'गेट आउट' कहते हुए बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद अहमद उठे और बैठक छोड़कर चले गए।
मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहता : अहमद ने पत्र लिखकर पीएस की शिकायत सीएस से की है। उन्होंने अग्रवाल के साथ काम करने में असमर्थता जताई है। अहमद का कहना है कि पीएस हमेशा अभद्रता करते हैं। आज भी उन्होंने मेरे साथ अभद्रता की। मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि सवा साल से मेरे साथ भेदभाव हो रहा है। मुझे मकान तक अलॉट नहीं किया गया।
Thursday, January 3, 2019
अब पुलिस बैंड की धुन पर होगा वंदेमातरम्, मार्च भी निकाला जाएगा
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फैसला किया है कि मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड की धुन पर वंदेमातरम् होगा। इसके अलावा हर महीने के पहले कार्य दिवस पर सुबह 10:45 बजे पुलिस बैंड की धुन पर शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। पुलिस बैंड के वल्लभ भवन पहुंचने पर राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ और राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ होगा। कार्यक्रम में आम लोग भी शामिल किए जाएंगे।
राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एक जनवरी को वंदेमातरम् का गायन नहीं हुआ था। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। रोक लगने 24 घंटे बाद ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसे कांग्रेस का शर्मनाक कदम बताया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्यप्रदेश को तुष्टिकरण का केंद्र बना रही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल से पूछा था कि क्या वंदेमातरम् पर रोक का फैसला आपका है?
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा...
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वंदेमातरम् गायन पर कांग्रेस सरकार ने जनदबाव में निर्णय ले लिया है, लेकिन ये सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि #वंदेमातरम् रोकने के पीछे राहुल गांधी की मंशा थी या खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ का निर्णय? इसका जवाब प्रदेश को मिलना ही चाहिए। मेरा मध्यप्रदेश सब देख रहा है।
उन्होंने कहा कि हम सभी 7 जनवरी को मंत्रालय परिसर में वंदेमातरम् का गायन करेंगे। आप सभी इसमें अवश्य शामिल हों। हमारी नजर अगले महीने की एक तारीख पर भी बनी रहेगी। कांग्रेस को समझना होगा कि वंदेमातरम् दलीय राजनीति से ऊपर है। सरकारों के आने-जाने से इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
कमलनाथ ने कहा था- बड़े पैमाने पर होगा वंदेमातरम
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा था कि वंदेमातरम अब बड़े पैमाने पर होगा। शाह के बयान पर उन्होंने कहा था- ‘आजादी की लड़ाई के दौरान वंदेमातरम् गीत का अर्थ था, भारत मां को ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से मुक्त कराना। उन्होंने कहा था कि आजादी के बाद भारत मां की वंदना का अर्थ है, किसानों की खुशियां, जो मैं कर्जमाफी और फसलों के दाम सुनिश्चित करके कर रहा हूं। सही अर्थों में मप्र की वंदना में लगा हूं। वंदेमातरम् कर रहा हूं।'
भाजपा विधायकों ने गाया वंदेमातरम
भोपाल में बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह के नेतृत्व में विधायक विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा समेत अन्य नेताओं ने मंत्रालय पहुंचकर वंदेमातरम् गाया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा था कि विधानसभा सत्र के पहले दिन 7 जनवरी को सभी विधायक सुबह 10 बजे पहले मंत्रालय के सामने मैदान में वंदेमातरम् का गायन करेंगे।
राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एक जनवरी को वंदेमातरम् का गायन नहीं हुआ था। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। रोक लगने 24 घंटे बाद ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसे कांग्रेस का शर्मनाक कदम बताया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्यप्रदेश को तुष्टिकरण का केंद्र बना रही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल से पूछा था कि क्या वंदेमातरम् पर रोक का फैसला आपका है?
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा...
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वंदेमातरम् गायन पर कांग्रेस सरकार ने जनदबाव में निर्णय ले लिया है, लेकिन ये सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि #वंदेमातरम् रोकने के पीछे राहुल गांधी की मंशा थी या खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ का निर्णय? इसका जवाब प्रदेश को मिलना ही चाहिए। मेरा मध्यप्रदेश सब देख रहा है।
उन्होंने कहा कि हम सभी 7 जनवरी को मंत्रालय परिसर में वंदेमातरम् का गायन करेंगे। आप सभी इसमें अवश्य शामिल हों। हमारी नजर अगले महीने की एक तारीख पर भी बनी रहेगी। कांग्रेस को समझना होगा कि वंदेमातरम् दलीय राजनीति से ऊपर है। सरकारों के आने-जाने से इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
कमलनाथ ने कहा था- बड़े पैमाने पर होगा वंदेमातरम
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा था कि वंदेमातरम अब बड़े पैमाने पर होगा। शाह के बयान पर उन्होंने कहा था- ‘आजादी की लड़ाई के दौरान वंदेमातरम् गीत का अर्थ था, भारत मां को ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से मुक्त कराना। उन्होंने कहा था कि आजादी के बाद भारत मां की वंदना का अर्थ है, किसानों की खुशियां, जो मैं कर्जमाफी और फसलों के दाम सुनिश्चित करके कर रहा हूं। सही अर्थों में मप्र की वंदना में लगा हूं। वंदेमातरम् कर रहा हूं।'
भाजपा विधायकों ने गाया वंदेमातरम
भोपाल में बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह के नेतृत्व में विधायक विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा समेत अन्य नेताओं ने मंत्रालय पहुंचकर वंदेमातरम् गाया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा था कि विधानसभा सत्र के पहले दिन 7 जनवरी को सभी विधायक सुबह 10 बजे पहले मंत्रालय के सामने मैदान में वंदेमातरम् का गायन करेंगे।
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