शाहरुख खान फिल्म जीरो से एक बार फिर बेहद चैलेंजिंग रोल के साथ लौटे हैं. शायद ही शाहरुख के लुक पर इतना काम उनके तीन दशक के करियर में कभी हुआ हो. लेकिन इसी फिल्म में उन्हें अपने रोल से चैलेंज दे रही हैं अनुष्का शर्मा. उनकी अदाकारी शाहरुख पर भारी है. आनंद एल राय की जीरो वैसे तो एक सामान्य लव ट्राइंगल ड्रामा है, लेकिन दो फिजिकली चैलेंज्ड किरदारों ने इसे खास बना दिया है. साथ ही कॉमेडी सीन और पंचेज जीरो को पैसा वसूल बना देते हैं. हालांकि, जबरन खींचा गया अंत थोड़ा निराश कर सकता है.
ये मेरठ के 38 साल के बौने बउआ सिंह की कहानी है, जो शादी के लिए लड़की तलाश रहा है. इसी दौरान उसे मेट्रीमोनियल सर्विस की मदद से एक फिजिकली चैलेंज्ड लड़की आफिया मिलती है, जो नासा की अंतरिक्ष विज्ञानी है और व्हील चेयर पर चलती है. बउआ और आफिया को प्यार हो जाता है और शादी तय हो जाती है. लेकिन बउआ शादी के दिन भाग जाता है, उस डांस कॉम्प्टीशन की खातिर जिसके जीतने पर उसे सुपरस्टार बबीता कुमारी (कटरीना कैफ) से मिलने का मौका मिलेगा. इसके बाद कहानी में कई टर्न और ट्वीस्ट आते हैं. मेरठ का बउआ सिंह कैसे मंगल ग्रह पर पहुंचा, ये जानने के लिए फिल्म देखनी होगी.
आनंद एल राय छोटे शहरों की सामान्य कहानियां उठाते हैं जिनका क्लाइमैक्स असामान्य और उतार चढ़ाव से भरा होता है. जीरो में भी यही देखने को मिला. बउआ दर्शकों को हंसाने में कोई कमी नहीं रखता. हमेशा जोश-खरोश में नजर आता है. फिल्म के संवाद भी ताजे और प्रभावी लगते हैं. फर्स्ट हाफ सामान्य लव स्टोरी है, लेकिन सेकंड हाफ में बउआ का सीरियस और इमोशनल पक्ष सामने आता है.
फ़िल्म का म्यूजिक लाजवाब है. जब तक सुबह शाम है... गाना बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया गया है. अनुष्का की अदाकारी कसी हुई और पूरी फिल्म में अपने किरदार के अनुरूप समान नजर आती है. लेकिन बउआ सेकंड हाफ में कमजोर पड़ जाता है. कटरीना के हिस्से जो किरदार आया उसमें उनकी अदाकारी काम चलाऊ लगती है. जीशान अयूब और तिग्मांशु ने उम्दा अभिनय किया है.
फिल्म में नासा की तर्ज पर दिखाई गई अंतरिक्ष एजेंसी और उसके अंदर की दुनिया दर्शक के लिए अनोखा अनुभव साबित होता है. पहले कभी किसी हिंदी फिल्म में स्पेस प्रोग्राम को इतने करीब से और इतने बड़े स्तर पर नहीं दिखाया गया. वीएफएक्स पर भी काफी काम किया गया है. गौरतलब है कि ये शाहरुख स्टारर सबसे महंगी फिल्म है. यदि शाहरुख अनुष्का की अदाकारी को नए रूप में देखना चाहते है तो ये फिल्म आपके लिये है.
फिल्म सेकंड हाफ में स्लो और बोरिंग होने लगती है. मंगल मिशन जैसे संजीदा स्पेस प्रोग्राम के बीच लव ड्रामा की गुंजाइश खोज लेना आनंद एल राय के बस की ही बात है. फिल्म के अंत का आधा घण्टा बेहद खींचा हुआ और इलॉजिकल लगता है. यदि स्पेस प्रोग्राम के बैक ड्रॉप को छोड़ दिया जाए तो अंत बहुत सरप्राइजिंग और रोचक नहीं है.
जीरो को दुनियाभर में कुल 5965 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है. भारत में 4380 स्क्रीन और विदेश में 1585 स्क्रीन्स मिले. फिल्म का बजट 200 करोड़ रुपये बताया गया है.
Friday, December 21, 2018
Friday, December 7, 2018
20 साल में पहली बार विदेशी निवेश लुभाने में चीन से आगे निकला भारत
विदेशी निवेश के मामले में मौजूदा साल चीन की तुलना में भारत के बेहद अच्छा साबित हो रहा है. आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण एशियाई देशों में चीन के मुकाबले भारत में लगभग दो दशक के बाद अधिक निवेश होने जा रहा है.
ग्लोबल फाइनेंशियल कंटेंट कंसल्टिंग कंपनी डियालॉजिक के आंकड़ों के मुताबिक इस साल के दौरान जहां विदेशी कंपनियों ने अभीतक 38 बिलियन डॉलर का निवेश भारत में करते हुए भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी ली है. वहीं इस दौरान चीन की कंपनियों में विदेशी कंपनियों में महज 32 बिलियन डॉलर का निवेश किया है.
भारत में विदेशी कंपनियों का यह निवेश उपभोक्ता और रिटेल क्षेत्र में हुआ है. गौरतलब है कि इसी हफ्ते भारतीय कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर ने नेस्ले को पछाड़ते हुए इंग्लैंड की फार्मा दिग्गज कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (जीएसके) कंज्यूमर के प्रमुख ब्रांड हॉर्लिक्स का अधिग्रहण किया था. इस अधिग्रहण के लिए एचयूएल को 31,700 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े.
अमेरिका चीन के बीच ट्रेड वॉर का होगा ये असर
इसके अलावा अमेरिका में आईटी क्षेत्र की दिग्गज आईबीएम के प्रमुख 8 सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण का ऐलान भारतीय आईटी दिग्गज एचसीएल ने किया है. एचसीएल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह डील 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 12,780 करोड़ रुपये में हो रही है.
इससे पहले मई रेवेन्यू के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-रिटेल दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीद लिया था. इस डील को दोनों कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर (1,07200 करोड़) पर किया. अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी ली है और भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में यह अबतक की सबसे बड़ी डील है. इस डील के साथ ही वॉलमार्ट भारत में काम करने वाली सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बन गई थी.
सही कहा इमरान, लेकिन भारत नहीं सिर्फ PAK के लिए मूर्खता है परमाणु युद्ध की सोच
विदेशी निवेश के इन ताजे रुझानों को देखते हुए हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अर्थशास्त्री ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले वर्षों के दौरान जहां चीन में विदेश कंपनियों के निवेश में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं भारत में 7 फीसदी की अधिक रफ्तार से निवेश को बढ़ता देखा जा सकेगा.
आईएमएफ ने दावा किया था कि वैश्विक निवेशकों के रुझान में यह बदलाव अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड व़र के चलते देखने को मिल रहा है और विदेशी निवेशक अब चीन की जगह भारत पर दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं.
ग्लोबल फाइनेंशियल कंटेंट कंसल्टिंग कंपनी डियालॉजिक के आंकड़ों के मुताबिक इस साल के दौरान जहां विदेशी कंपनियों ने अभीतक 38 बिलियन डॉलर का निवेश भारत में करते हुए भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी ली है. वहीं इस दौरान चीन की कंपनियों में विदेशी कंपनियों में महज 32 बिलियन डॉलर का निवेश किया है.
भारत में विदेशी कंपनियों का यह निवेश उपभोक्ता और रिटेल क्षेत्र में हुआ है. गौरतलब है कि इसी हफ्ते भारतीय कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर ने नेस्ले को पछाड़ते हुए इंग्लैंड की फार्मा दिग्गज कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (जीएसके) कंज्यूमर के प्रमुख ब्रांड हॉर्लिक्स का अधिग्रहण किया था. इस अधिग्रहण के लिए एचयूएल को 31,700 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े.
अमेरिका चीन के बीच ट्रेड वॉर का होगा ये असर
इसके अलावा अमेरिका में आईटी क्षेत्र की दिग्गज आईबीएम के प्रमुख 8 सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण का ऐलान भारतीय आईटी दिग्गज एचसीएल ने किया है. एचसीएल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह डील 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 12,780 करोड़ रुपये में हो रही है.
इससे पहले मई रेवेन्यू के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-रिटेल दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीद लिया था. इस डील को दोनों कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर (1,07200 करोड़) पर किया. अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी ली है और भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में यह अबतक की सबसे बड़ी डील है. इस डील के साथ ही वॉलमार्ट भारत में काम करने वाली सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बन गई थी.
सही कहा इमरान, लेकिन भारत नहीं सिर्फ PAK के लिए मूर्खता है परमाणु युद्ध की सोच
विदेशी निवेश के इन ताजे रुझानों को देखते हुए हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अर्थशास्त्री ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले वर्षों के दौरान जहां चीन में विदेश कंपनियों के निवेश में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं भारत में 7 फीसदी की अधिक रफ्तार से निवेश को बढ़ता देखा जा सकेगा.
आईएमएफ ने दावा किया था कि वैश्विक निवेशकों के रुझान में यह बदलाव अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड व़र के चलते देखने को मिल रहा है और विदेशी निवेशक अब चीन की जगह भारत पर दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं.
Tuesday, December 4, 2018
इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की FIR में दर्ज है भीड़ की बर्बरता की पूरी कहानी
बुलंदशहर के स्याना में गोकशी के शक में भड़की हिंसा और बवाल का मुकदमा स्याना थाने के सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद ने वादी के तौर पर दर्ज कराया है. सुभाष ने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा और बामुश्किल उन्होंने अपनी जान बचाई. 75 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. जिसमें से 28 लोग नामजद हैं. हिंसा का मास्टरमाइंड और बजरंग दल का नेता योगेश राज वारदात के वक्त वहां मौजूद लोगों को भड़का रहा था. इस बात का जिक्र एफआईआर में भी दर्ज है.
एसआई सुभाष चंद की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमें के मुताबिक 3 दिसंबर 2018 को गांव महाव में गोकशी की सूचना मिलने पर स्याना थाने के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह अपने साथ एसआई सुभाष चंद, हेड कांस्टेबल शीशराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल अमीर आलम, शैलेद्र, जितेंद्र कुमार, प्रेमपाल, होमगार्ड राजेद्र, प्रेम प्रकाश, दिनेश सिंह और वाहन चालक हेड कांस्टेबल रामआसरे सरकारी टाटा सूमो यूपी13 एजी 0452 से मौके के लिए रवाना हुए.
वहां गोकशी के शक में जमा भीड़ में योगेश राज, विशाल त्यागी, सतेंद्र राजपूत, चमन, देवेंद्र, उपेंद्र राघव, रवि सैनी, आशीष चौहान, शिखर अग्रवाल, राजकुमार, जीतू, सचिन, रमेश जोगी, विनीत, सौरभ, सुमित, छोटू, सतीश, विकास त्यागी, विक्रान्त त्यागी, बबलू, अंकुर, रोबिन, टिंकू, गुड्डू, हरेंद्र आदि के नेतृत्व में 50-60 महिलाएं और पुरुष जमा थे. वे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने उन्हें काफी समझाया बुझाया. लेकिन वे नहीं मानें. उन्होंने पथराव कर दिया.
इसके बाद योगेश राज आदि के नेतृत्व में ही भीड़ ने 1 बजकर 35 मिनट पर चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने जाम लगाने के साथ-साथ उपद्रव शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद एसडीएम स्याना और पुलिस उपाधीक्षक स्याना लगातार भीड़ को लाउड हेलर के माध्यम से समझाते रहे. मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कहते रहे. कुछ लोगों को स्याना थाने जाकर एफआईआर की कॉपी लेने के लिए भी कहा. लेकिन उसके बावजूद भी भीड़ उग्र हो गई.
उपरोक्त नामित योगेश राज और उसके साथी भीड़ को हिंसा के लिए भड़काते रहे. जिससे भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अवैध असलाहों, धारदार हथियारों और लाठी डंडों से पुलिस पर जाने से मारने की नीयत से हमला कर दिया. जिसमें प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को गोली मारकर गंभीर चोट पहुंचाई गई. उन्हें घेरकर उनकी निजी लाईसेंसी पिस्टल और तीन मोबाइल फोन भी छीन लिए. जिनमें से एक में सरकारी सीयूजी सिम कार्ड भी था.
हमलावर लगातार फायरिंग करते रहे. सरकारी वायरलैस सेट भी तोड़ दिए गए. पुलिस चौकी में आग लगा दी गई. जिसमें सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार की निजी वैगनआर कार, थाने की सरकारी टाटा सूमो कार, क्षेत्राधिकारी की सरकारी टाटा सूमो कार, माल वाहन और सरकारी सामान को आग लगा दी गई. घटनास्थल स्याना-बुलंदशहर लोक मार्ग पर स्थित है. जहां उस वक्त भी लोगों की आवाजाही हो रही थी. लेकिन अभियुक्तों की इस करतूत से वहां कानून व्यवस्था चौपट हो गई. हरतरफ अराजकता का माहौल था.
मौके पर अफरातफरी मच गई. वहां से गुजरने वाले राहगीर रास्ता बदलकर अपनी जान बचाकर भागने लगे. उनके चप्पल, जूते और सामान सब वहीं बिखरे पड़े हैं. घटनास्थल पर अभियुक्तों के लाठी डंडे और ईंट पत्थर भी पड़े हैं. मौके पर सरकारी वाहन धूं-धूं कर जल रहे हैं. क्षेत्राधिकारी स्याना भी अपनी जान बचाने के लिए जब चौकी के कमरे में घुसे तो उग्र भीड़ ने मारो मारो का शोर करते हुए चौकी में आग लगा दी. पुलिस लगातार आत्मरक्षार्थ पीछे हटती जा रही थी. अराजक तत्वों की भीड़ मारो मारो का शोर करते हुए उग्र और आक्रोशित हो रही थी. आगे बढ़ती जा रही थी.
घायल प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को जब पुलिस वाले उपचार हेतु सरकारी वाहन में बैठाने लगे तो उक्त भीड़ ने फिर भयंकर हमला कर दिया. जिससे सभी पुलिसवालों को गंभीर चोटें आई. सामने कालोनी के लोग अपने घरों के दरवाजे खिड़की बंदकर घरों में छिप गए. उधर, चौकी के कमरे में बंद क्षेत्राधिकारी ने कंट्रोंल रूम से आत्मारक्षार्थ अतिरिक्त फोर्स की मांग की.
इसके बाद शिकारपुर के क्षेत्राधिकारी मनीष यादव, औरंगाबाद के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह, बीबीनगर के थानाध्यक्ष सुभाष सिंह, नरसैना के थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, खानपुर के थानाध्यक्ष सतेंद्र कुमार सिंह और स्वाट टीम के प्रभारी निरीक्षक विवेक शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौक पर पहुंचे. तब चौकी के बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर क्षेत्राधिकारी स्याना की जान बचाई गई. गोली लगने से घायल प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को सीएचसी लखावटी, औरंगाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हिंसक भीड़ के हमले में सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद (वादी), सुरेश कुमार, होमगार्ड राजेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी हमले में घायल हो गए. बेकाबू और अराजक भीड़ को तीतर बितर करने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देशन में हल्का बल प्रयोग किया गया. इस दौरान आत्मरक्षार्थ होमगार्ड राजेंद्र ने अपनी राइफल से एक राउंड हवाई फायर किया. इस घटना में शामिल अभियुक्तों के नाम पते आदि शिनाख्त एसआई सुभाष चंद और अन्य पुलिसकर्मी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो फुटेज देखकर करेंगे.
एफआईआर कराने के लिए एसआई सुभाष चंद खुद थाने पहुंचे. उन्होंने अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. सब इंस्पेक्टर सुभाष ने तहरीर पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसे थाने के हेड कांस्टेबल अरुण कुमार शर्मा ने प्रमाणित किया है और थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर लवली ने तहरीर को टाइप किया है. इस एफआईआर के साथ मुख्य साजिशकर्ता योगेश राज समेत 28 लोगों की नामजद सूची है.
एसआई सुभाष चंद की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमें के मुताबिक 3 दिसंबर 2018 को गांव महाव में गोकशी की सूचना मिलने पर स्याना थाने के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह अपने साथ एसआई सुभाष चंद, हेड कांस्टेबल शीशराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल अमीर आलम, शैलेद्र, जितेंद्र कुमार, प्रेमपाल, होमगार्ड राजेद्र, प्रेम प्रकाश, दिनेश सिंह और वाहन चालक हेड कांस्टेबल रामआसरे सरकारी टाटा सूमो यूपी13 एजी 0452 से मौके के लिए रवाना हुए.
वहां गोकशी के शक में जमा भीड़ में योगेश राज, विशाल त्यागी, सतेंद्र राजपूत, चमन, देवेंद्र, उपेंद्र राघव, रवि सैनी, आशीष चौहान, शिखर अग्रवाल, राजकुमार, जीतू, सचिन, रमेश जोगी, विनीत, सौरभ, सुमित, छोटू, सतीश, विकास त्यागी, विक्रान्त त्यागी, बबलू, अंकुर, रोबिन, टिंकू, गुड्डू, हरेंद्र आदि के नेतृत्व में 50-60 महिलाएं और पुरुष जमा थे. वे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने उन्हें काफी समझाया बुझाया. लेकिन वे नहीं मानें. उन्होंने पथराव कर दिया.
इसके बाद योगेश राज आदि के नेतृत्व में ही भीड़ ने 1 बजकर 35 मिनट पर चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने जाम लगाने के साथ-साथ उपद्रव शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद एसडीएम स्याना और पुलिस उपाधीक्षक स्याना लगातार भीड़ को लाउड हेलर के माध्यम से समझाते रहे. मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कहते रहे. कुछ लोगों को स्याना थाने जाकर एफआईआर की कॉपी लेने के लिए भी कहा. लेकिन उसके बावजूद भी भीड़ उग्र हो गई.
उपरोक्त नामित योगेश राज और उसके साथी भीड़ को हिंसा के लिए भड़काते रहे. जिससे भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अवैध असलाहों, धारदार हथियारों और लाठी डंडों से पुलिस पर जाने से मारने की नीयत से हमला कर दिया. जिसमें प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को गोली मारकर गंभीर चोट पहुंचाई गई. उन्हें घेरकर उनकी निजी लाईसेंसी पिस्टल और तीन मोबाइल फोन भी छीन लिए. जिनमें से एक में सरकारी सीयूजी सिम कार्ड भी था.
हमलावर लगातार फायरिंग करते रहे. सरकारी वायरलैस सेट भी तोड़ दिए गए. पुलिस चौकी में आग लगा दी गई. जिसमें सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार की निजी वैगनआर कार, थाने की सरकारी टाटा सूमो कार, क्षेत्राधिकारी की सरकारी टाटा सूमो कार, माल वाहन और सरकारी सामान को आग लगा दी गई. घटनास्थल स्याना-बुलंदशहर लोक मार्ग पर स्थित है. जहां उस वक्त भी लोगों की आवाजाही हो रही थी. लेकिन अभियुक्तों की इस करतूत से वहां कानून व्यवस्था चौपट हो गई. हरतरफ अराजकता का माहौल था.
मौके पर अफरातफरी मच गई. वहां से गुजरने वाले राहगीर रास्ता बदलकर अपनी जान बचाकर भागने लगे. उनके चप्पल, जूते और सामान सब वहीं बिखरे पड़े हैं. घटनास्थल पर अभियुक्तों के लाठी डंडे और ईंट पत्थर भी पड़े हैं. मौके पर सरकारी वाहन धूं-धूं कर जल रहे हैं. क्षेत्राधिकारी स्याना भी अपनी जान बचाने के लिए जब चौकी के कमरे में घुसे तो उग्र भीड़ ने मारो मारो का शोर करते हुए चौकी में आग लगा दी. पुलिस लगातार आत्मरक्षार्थ पीछे हटती जा रही थी. अराजक तत्वों की भीड़ मारो मारो का शोर करते हुए उग्र और आक्रोशित हो रही थी. आगे बढ़ती जा रही थी.
घायल प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को जब पुलिस वाले उपचार हेतु सरकारी वाहन में बैठाने लगे तो उक्त भीड़ ने फिर भयंकर हमला कर दिया. जिससे सभी पुलिसवालों को गंभीर चोटें आई. सामने कालोनी के लोग अपने घरों के दरवाजे खिड़की बंदकर घरों में छिप गए. उधर, चौकी के कमरे में बंद क्षेत्राधिकारी ने कंट्रोंल रूम से आत्मारक्षार्थ अतिरिक्त फोर्स की मांग की.
इसके बाद शिकारपुर के क्षेत्राधिकारी मनीष यादव, औरंगाबाद के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह, बीबीनगर के थानाध्यक्ष सुभाष सिंह, नरसैना के थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, खानपुर के थानाध्यक्ष सतेंद्र कुमार सिंह और स्वाट टीम के प्रभारी निरीक्षक विवेक शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौक पर पहुंचे. तब चौकी के बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर क्षेत्राधिकारी स्याना की जान बचाई गई. गोली लगने से घायल प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह को सीएचसी लखावटी, औरंगाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हिंसक भीड़ के हमले में सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद (वादी), सुरेश कुमार, होमगार्ड राजेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी हमले में घायल हो गए. बेकाबू और अराजक भीड़ को तीतर बितर करने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देशन में हल्का बल प्रयोग किया गया. इस दौरान आत्मरक्षार्थ होमगार्ड राजेंद्र ने अपनी राइफल से एक राउंड हवाई फायर किया. इस घटना में शामिल अभियुक्तों के नाम पते आदि शिनाख्त एसआई सुभाष चंद और अन्य पुलिसकर्मी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो फुटेज देखकर करेंगे.
एफआईआर कराने के लिए एसआई सुभाष चंद खुद थाने पहुंचे. उन्होंने अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. सब इंस्पेक्टर सुभाष ने तहरीर पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसे थाने के हेड कांस्टेबल अरुण कुमार शर्मा ने प्रमाणित किया है और थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर लवली ने तहरीर को टाइप किया है. इस एफआईआर के साथ मुख्य साजिशकर्ता योगेश राज समेत 28 लोगों की नामजद सूची है.
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